Sat. Aug 24th, 2019

Antim Vikalp News

News, Hindi News, latest news in Hindi, News in Hindi, Hindi Samachar(हिन्दी समाचार), breaking news in Hindi, Hindi News Paper, Antim Vikalp News, headlines, Breaking News, saharanpur news, bareilly

गरीबों के लिए न्यूनतम आमदनी की गारंटी वाली योजना लाने की घोषणा कर राहुल ने चला बड़ा सियासी दांव

1 min read

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने यह घोषणा करके एक बड़ा राजनीतिक दांव चल दिया है कि अगर 2019 में कांग्रेस की सरकार बनी तो वह हर गरीब के खाते में एक निश्चित रकम जमा करेगी। रायपुर में एक रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने गरीबों के लिए न्यूनतम आमदनी की गारंटी वाली अपनी भावी योजना का एलान भर नहीं किया, बल्कि यह भी स्पष्ट कर दिया कि वह इस बारे में फैसला ले चुके हैं। उनकी मानें तो यह वह फैसला है, जो अब तक दुनिया की किसी भी सरकार ने नहीं लिया है।
राहुल गांधी की यह घोषणा इसलिए उल्लेखनीय है, क्योंकि अभी तक वह मोदी सरकार पर इसके लिए दबाव बनाए हुए थे कि वह किसानों के लिए कर्ज माफी की कोई योजना लेकर आए। वह केवल दबाव ही नहीं बनाए हुए थे, बल्कि मोदी सरकार को किसान विरोधी साबित करने की मुहिम भी छेड़े हुए थे। उनका यहां तक कहना था कि केंद्र सरकार जब तक किसानों के लिए कर्ज माफी की कोई घोषणा नहीं करती, तब तक वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चैन से सोने नहीं देंगे। हालांकि मोदी सरकार राहुल गांधी के दबाव में आने के बजाय कांग्रेस शासित राज्यों की किसान कर्ज माफी योजना को लालीपॉप कहकर खारिज कर रही थी, लेकिन इसी के साथ यह भी संकेत दे रही थी कि वह किसानों को राहत देने के लिए कोई बड़ी योजना लेकर आ सकती है। माना जा रहा है कि केंद्र सरकार के नीति-नियंता किसानों और अन्य गरीबों के लिए वैसी ही किसी योजना की रूपरेखा तैयार करने में लगे हुए थे, जैसी योजना लागू करने की घोषणा राहुल गांधी ने यकायक कर दी। ऐसा करके उन्होंने एक तरह से राजनीतिक बढ़त ले ली है।
नि:संदेह इसका यह मतलब नहीं कि अब मोदी सरकार ऐसी कोई योजना लाने का विचार त्याग देगी, लेकिन अब अगर वह यह योजना लेकर आती है तो उसका श्रेय कांग्रेस खुद लेने की कोशिश करेगी। उसे केवल यही प्रचार करने का अवसर नहीं मिलेगा कि राहुल गांधी के दबाव के कारण मोदी सरकार गरीबों की सुध लेने के लिए बाध्य हुई, बल्कि यह भी रेखांकित करने का मौका मिलेगा कि कांग्रेस अध्यक्ष को गरीबों की कहीं अधिक परवाह है।
फिलहाल यह कहना कठिन है कि मोदी सरकार किसानों के साथ अन्य गरीबों के लिए ठीक वैसी ही कोई योजना लेकर आएगी या नहीं, जिसकी मुनादी राहुल गांधी ने बजट सत्र शुरू होने के पहले ही कर दी, लेकिन उसे कुछ न कुछ तो करना ही होगा। इसी के साथ उसे इसकी भी चिंता करनी होगी कि ऐसा कोई संदेश न जाने पाए कि उसने वह किया, जिसके लिए कांग्रेस अध्यक्ष ने दबाव बनाया। जो भी हो, राजनीतिक दांव-पेंच के फेर में किसानों और अन्य गरीबों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। राहुल गांधी ने गरीबों के लिए न्यूनतम आमदनी की गारंटी वाली योजना लाने की घोषणा कर जो राजनीतिक बढ़त हासिल की, उसका प्रतिकार मोदी सरकार चाहे जैसे करे, यह राहत की बात है कि आखिरकार राहुल गांधी यह मानते-समझते दिख रहे हैं कि किसान कर्ज माफी से किसी का और यहां तक कि किसानों का भी भला नहीं होता।

– सुनील चौधरी सहारनपुर

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *