इस बार आसान नहीं है भाजपा की राह-मजबूत खड़ी है कांग्रेस

*पारा बढ़ने के साथ ही प्रत्याशियों का छूट रहा पसीना
दमोह/मध्यप्रदेश- 6 मई को होने वाले लोकसभा चुनाव को लेकर अभी मतदाता बहुत खुलकर कुछ नहीं कह रहा है लेकिन लोगों की अपनी चर्चा में जो बात निकल कर आ रही है उससे मिल रहे संकेत भारतीय जनता पार्टी के लिए चिंता पैदा करने में है हालांकि कांग्रेस को लेकर भी बहुत उत्साह जैसी बात नजर नहीं आ रही है 2014 को लोकसभा चुनाव प्रहलाद पटेल ने दो लाख से अधिक वोटों से जीता था लेकिन अभी चंद माह पूर्व हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को ना सिर्फ 4 सीटों जीतने में सफलता मिली वरन उस को मिलने वाले वोट प्रतिशत में भी उत्साह जनक इजाफा हुआ है दोनों प्रमुख पार्टियों को मिले मत में भाजपा ने मात्र 15 हजार मतों से बढ़त पाई थी।इस बार ना तो कोई लहर है और ना ही प्रदेश में भाजपा की सरकार ऐसी स्थिति में भाजपा को अपनी यह 30 साल पुरानी सीट बचाए रखने के लिए एड़ी चोटी का चोर लगाना होगा।सांसद की लोकप्रियता का ग्राफ नीचे आया है उस पर करेला और नीम चढ़ा की कहावत चरितार्थ करती हुई भाजपाई कार्यकर्ताओं की उदासीनता इस चुनाव में भाजपा के लिए कड़ी चुनौती बन कर सामने आ सकती है यहां से भाजपा के प्रहलाद पटेल एवं कांग्रेस के प्रताप सिंह लोधी चुनाव मैदान में है।
मोदी फैक्टर:-

मोदी फैक्टर इस चुनाव में कारगर साबित होता दिखाई नहीं देता है लोग मोदी के बारे में चर्चा तो करते हैं किंतु उनमें अब गत चुनाव जैसा उत्साह नहीं रहा।एयर स्ट्राइक को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तारीफ तो करते हैं किंतु सिर्फ इतना ही किये जाने को काफी नहीं मानते।प्रधानमंत्री आवास योजना में स्थानीय प्रशासन खासतौर पर सरपंच सचिव एवं जिला पंचायत के कर्मचारियों द्वारा जो भ्रष्टाचार का खुला खेल खेला गया है उससे गरीब तबके के लोगों में खासी नाराजगी है कुछ लोग इस बात से प्रसन्न हैं की उन्हें कुछ तो मिला किंतु ज्यादातर लोग इस बात से दुखी हैं कि उन्हें जो दिया गया उसका एक हिस्सा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया।बकस्वाहा के एक मजदूर विजय विश्वकर्मा आरोप लगाते हुए कहते हैं कि पात्रता रखते हुए भी वो प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ सिर्फ इसलिए प्राप्त नहीं कर पाए क्योंकि पंचायत कार्यालय में 20 हजार रिश्वत देने के लिए उनके पास पैसे नहीं थे।
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*पलायन के कारण घट सकता है मतदान*
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रोजगार के अवसर उपलब्ध ना होने के कारण यहां के मजदूरों को पलायन करना पड़ता है एक अनुमान के मुताबिक पूरे क्षेत्र से लगभग 50 हजार मजदूर पलायन कर जाते हैं अभी फसलों की कटाई चल रही है जिससे मजदूरों को रोजगार मिला हुआ है किंतु इसके बावजूद यहां हटा क्षेत्र के ग्राम धरमपुरा अचलपुरा पाठा बंधा इमलिया आदि ग्रामों से प्रतिदिन 100 से 200 मजदूरों का पलायन हो रहा है हटा क्षेत्र से लगभग 15 से 20 हजार लोग पलायन कर जाते हैं यह केवल हटा हटा की स्थिति नहीं है पूरे क्षेत्र की यही स्थिति है यहां का मजदूर चैत्र माह के बाद जैसे ही कृषि कार्य से फुर्सत होता है वह पलायन कर जाता है बड़ामलहरा क्षेत्र के बकस्वाहा हीरापुर भीमकुंड में भी यही स्थिति है भीमकुंड इस क्षेत्र का पर्यटन स्थल है जहां सैलानियों का तांता लगा हुआ है बावजूद रोजगार की स्थिति शून्य हैं भीमकुंड के बारे में स्थानीय लोगों का दावा है कि पहाड़ के नीचे बने इस भूमिगत कुंड की अथाह गहराई के संबंध में डिस्कवरी चैनल द्वारा कार्यक्रम प्रसारित किया जा चुका है
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*सांसद ग्राम की दुर्दशा*
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सांसद द्वारा दमोह एवं छतरपुर जिले में एक एक गांव गोद लिया गया था छतरपुर जिले की बड़ामलहरा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत बकस्वाहा के पास ग्राम सुनवाहा को सांसद ने गोद लिया है इसे आदर्श ग्राम के रुप में विकसित करने की योजना थी किंतु यहां आदर्श जैसा कुछ भी नहीं है ग्राम में समस्याएं मुंह बाए खड़ी है लोगों में आक्रोश है पानी की व्यवस्था नहीं है लोग तीन चार किलोमीटर दूर से पानी लेकर आ रहे हैं पिछले विधानसभा चुनाव में यहां के पोलिंग बूथ से भारतीय जनता पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा था सुनवाहा पोलिंग बूथ पर कुल मतदाता 26 सौ है जिनमें से1713 लोगों ने मतदान किया था और इसमें कांग्रेस को1051 वोट प्राप्त हुए थे जबकि भारतीय जनता पार्टी को सिर्फ250 वोटों से संतोष करना पड़ा यही स्थिति दमोह विधानसभा क्षेत्र के बांदकपुर ग्राम की है यहां के लोगों मे भी संसद की प्रति खासा आक्रोश है विकास के नाम पर खोखली घोषणा होती रही है और मैदानी कार्य कुछ भी नहीं हुआ है।
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*वोटों का गणित*
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सीधे तौर पर भारतीय जनता पार्टी पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस से 15 हजार मत अधिक लेने में सफल रही किंतु यदि बारीकी से विश्लेण किया जाए तो इससें वोटों का गणित कांग्रेस के पक्ष में जाता दिखाई देता है पथरिया सीट बीएसपी की झोली में गई थी और यहां कांग्रेस प्रत्याशी गौरव पटेल ने25438 वोट प्राप्त किए थे यही से कांग्रेस के ही बागी प्रत्याशी राव विजेन्द्र सिंह27हजार मत समेटने में सफल हुए।अब चूंकि बहुजन समाज पार्टी की विजयी प्रत्याशी रामबाई प्रदेश की कांग्रेस सरकार को समर्थन दे रही है तो लोगों को यह उम्मीद लग रही है कि रामबाई समर्थक मतदाता कांग्रेस की ओर झुक सकता है यदि ऐसा होता है तो पथरिया सीट में कांग्रेस परंपरागत वोट राव विजेन्द्र सिंह को मिले वोट और बीएसपी समर्थक वोटों की संख्या90 हजार पर पहुचती है इसके विपरीत भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी लखन पटेल ने 37062 मत प्राप्त किए थे अब यदि जबेरा विधानसभा क्षेत्र की बात करें तो कांग्रेस के प्रताप सिंह लोधी45416 मत प्राप्त कर दूसरे स्थान पर थे यही से आदित्य सॉलोमन एवं अन्य निर्दलीय उम्मीदवारों ने20000से भी अधिक मत प्राप्त किये थे आदित्य सॉलोमन एवं यहां के कांग्रेस के बागी उम्मीदवारों का मत प्रतिशत यदि जोड़ा जाए तो यह भाजपा की तुलना में70 फीसदी होता है हटा विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस के बागियो से अछूती नहीं रही यहां प्रदीप खटीक ने 10011वोट प्राप्त किये थे यदि यह मत भी कांग्रेस के के खाते में जुडता है तो स्थिति चौकाने वाली होगी अब 23मई को जो भी हो किंतु कांग्रेस फिलहाल तो इस गणित को लेकर काफी उत्साहित दिख रही है।

– विशाल रजक मध्यप्रदेश

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