आजमगढ़- पुलिस उपमहानिरीक्षक परिक्षेत्र आजमगढ़,वांछित अभियुक्तो के गिरफ्तारी हेतु चलाये जा रहे अभियान के क्रम में पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ प्रो0 त्रिवेणी सिंह के निर्देशन में पुलिस अधीक्षक नगर श्री कमलेश बहादुर के नेतृत्व में आजमगढ़ पुलिस की कई टीम बनाकर फरार व पुरस्कार घोषित वांछित अभियुक्तो की गिरफ्तारी के लिए कई जगहों पर लगातार दबिश दिया जा रहा था। इसी क्रम में न्यायालय परिसर आजमगढ़ से पेशी पर आया अभियुक्त सूरज गौंड़ पुत्र श्याम प्यारे गौड़ निवासी सुरहूरपुर, थाना-मुहम्मदाबाद, जनपद-मऊ की गिरफ्तारी हेतु लगे पुलिस टीम के आरक्षी विनोद सरोज व आरक्षी चन्द्रजीत यादव, स्वाट टीम को जरिये मुखबीर द्वारा सूचना प्राप्त हुआ कि अभियुक्त अपना नाम पता बदलकर सठियांव के पास रह रहा है, जो आज आजमगढ़ शहर में किसी घटना को अंजाम देने की नियत से रैकी कर वापस जा रहा है। यह वही अभियुक्त है, जो पुलिस अभिरक्षा से 2006 से फरार चल रहा है। शीघ्रता किया जाये तो अभियुक्त को गिरफ्तार किया जा सकता है। आरक्षीगण द्वारा मुखबीर की सूचना से प्रभारी स्वाट टीम को अवगत कराया गया, प्रभारी स्वाट टीम द्वारा प्रभारी निरीक्षक सिधारी व प्रभारी निरीक्षक कोतवाली की संयुक्त टीम को उपरोक्त सूचना देकर बताये हुए स्थान पर बुलाकर तत्काल एम्बुस (गाड़ाबन्दी) लगाकर अभियुक्त का इंतजार किया जा रहा था कि मुखबीर के इशारे पर सामने से आ रहे अभियुक्त को गिरफ्तार करने का प्रयास किया गया तो पुलिस टीम द्वारा खुद को घिरा हुआ देख अभियुक्त ने पुलिस बल को लक्ष्य कर जान से मारने की नियत से फायर कर दिया। पुलिस टीम द्वारा अभियुक्त को गिरफ्तार कर नाम पता पूछा गया तो अपना नाम दिनेश पुत्र राम प्यारे बताया। कड़ाई से पूछताछ करने पर अपना जुर्म स्वीकार करते हुए अपना सही नाम सूरज गौड़ पुत्र श्याम प्यारे बताया। । जो अपना नाम पता बदलकर गोपनीय तरीके से एनसीआर गाजियाबाद में लगातार जगह बदलकर रह रहा था। अभियुक्त के फरार होने के सम्बन्ध में थाना-कोतवाली में आरक्षी राम केबल के विरूद्ध मुकदमा पजीकृत कर न्यायालय अभिरक्षा में भेज दिया गया था। अभियुक्त 50 हजार रूपये पुरस्कार अपराधी घोषित था।

रिपोर्ट:-राकेश वर्मा आजमगढ़

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