आज़मगढ़- आजमगढ़ मण्डलायुक्त कनक त्रिपाठी ने बुधवार को जनपद के चक्रपानपुर स्थित राजकीय मेडिकल कालेज एवं सुपर फैसेलिटी हास्पिटल (पीजीआई) की व्यवस्थाओं का मौके पर जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने ओपीडी तथा भर्ती मरीजों से मिलकर दवा, इलाज, खानपान आदि की पूरी जानकारी ली। मण्डलायुक्त श्रीमती त्रिपाठी ने प्रिन्सिपल के कक्ष में समस्त फैकेल्टी इंचार्ज के साथ संयुक्त रूप में बैठक कर उनकी समस्यायें जानी तथा मेडिकल कालेज में उपलब्ध सेवाओं तथा आवश्कताओं की भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि मेडिकल कालेज एवं सुपर फैसेलिटी हास्पिटल हेतु सभी आवश्यक सुविधायें उपलब्ध कराये जाने हेतु हर स्तर पर प्रयास किया जायेगा। उन्होंने उपस्थित रजिस्टर के माध्यम स्टाफ की चेकिंग भी किया। इस दौरान पाया गया कि सर्जरी विभाग के डा. अनिल कुमार सरोज तथा फीजियोलाॅजी की डा. प्रीति गुप्ता विगत कई माह से अनुपस्थित हैं। उन्होने प्रिन्सिपल डा. आरपी शर्मा को निर्देश दिया कि इन्हें हटाने हेतु शासन को अवगत करायें तथा इनके स्थान पर अन्य डाक्टर की तैनाती हेतु भी अवगत करायें। मण्डलायुक्त को मेडिकल कालेज के प्रिन्सिपल डा. आरपी शर्मा ने बताया कि 200-250 मरीज यहाॅं इस समय भर्ती हैं तथा पर्याप्त संख्या में बेड अभी भी उपलब्ध हैं। मण्डलायुक्त कनक त्रिपाठी ने हास्पिटल में भर्ती मरीजों की स्थिति की जानकारी करने हेतु आर्थो वार्ड में भर्ती मरीज अमित एवं गुलाम रसूल, उमेश यादव सहित अन्य मरीजों से दवाओं की उपलब्धता, खान पान, डाक्टर्स विजिट आदि की विस्तृत जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने आयुष्मान भारत योजना में राजकीय मेडिकल कालेज एवं सुपर फैसेलिटी हास्पिटल की ऐक्टिविटी की भी समीक्षा किया। कालेज के प्रिन्सिपल डा. शर्मा द्वारा अवगत कराया गया कि इस योजना के तहत मरीजों हेतु एक काउण्टर बनाया गया है तथा अब तक 2387 गोल्डेन कार्ड बनाये गये हैं। उन्होंने यह भी बताया कि आयुष्मान भारत के अन्तर्गत अब तक 174 आपरेशन किये गये तथा प्रतिपूर्ति हेतु 174 आवेदन किये गये। उन्होंने यह भी बताया कि इस योजना के प्रतिपूर्ति हेतु किये गये आवेदन की धनराशि 17 लाख 25 हजार 800 रुपये है, जबकि प्राप्त प्रतिपूर्ति की धनराशि 12 लाख 89 हजार 396 रुपये है। मण्डलायुक्त श्रीमती त्रिपाठी द्वारा मेडिकल कालेज परिसर में स्थापित एसटीपी एवं ईटीपी मानक के अनुसार क्रियाशील अवस्था में नहीं हैं, बार-बार स्मरण कराये जाने के बावजूद उत्तर प्रदेश निर्माण निगम लिमिटेड द्वारा कमियों को दूर नहीं किया गया। इसी प्रकार विभिन्न भवनों में लिफ्ट में से केवल चार लिफ्ट ही क्रियाशील हैं जबकि अन्य क्रियाशील नहीं हैं, जिससे मरीजों को काफी परेशानी होती है। इसी प्रकार फायर फाइटिंग उपकरण, सेन्ट्रल एयर कंडीशनिंग प्लाण्ट सहित अन्य समस्याओं के बारे में भी अवगत कराया गया।प्रधानाचार्य द्वारा स्टाफ के समक्ष आ रही समस्याओं के सम्बन्ध में बताया कि कालेज के पास स्कूल हेतु भूमि उपलब्ध है परन्तु अभी तक स्कूल स्थापना की दिशा में कोई कार्यवाही नहीं हुई है, जिला मुख्यालय तक स्टाफ के बच्चों को पढ़ाई हेतु आने जाने के लिए वाहन व्यवस्था नहीं है। इसके अलावा चिकित्सा महाविहद्यालय में स्थापित ईपीबीएक्स व नेटवर्किंग सिस्टम भी सही नहीं है। प्रधानाचार्य ने यह भी बताया कि भवन हस्तगत के दौरान अन्य कई कमियाॅं रह गयी थीं जो निरन्तर प्रयास के बावजूद अभी दुरुस्त नहीं हो सकी हैं। मण्डलायुक्त ने कहा कि जो भी बुनियादी कमियाॅं हैं उसका पूरा विवरण तैयार कर उपलब्ध कराया जाये। उन्होंने कहा कि जो कमियाॅं स्थानीय स्तर पर दूर की जा सकती हैं उसे तत्काल दूर कराया जायेगा तथा जो सुविधायें शासन स्तर उपलब्ध कराई जानी हैं उसके लिए हर संभव प्रयास कर इस मेडिकल कालेज एवं सुपर फिसेलिटी हास्पिटल को उपलब्ध कराई जायेगी। इस दौरान संयुक्त निदेशक, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य डा. पीके मिश्रा सहित सभी फैकल्टी के इन्चार्ज आदि उपस्थित थे।

रिपोर्टर:-राकेश वर्मा आजमगढ़

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