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विश्व हिंदू परिषद द्वारा शौर्य दिवस का किया गया आयोजन

आजमगढ़- विश्व हिंदू परिषद द्वारा शौर्य दिवस का आयोजन दीनानाथ सिंह की अध्यक्षता में लालडिग्गी स्थित बड़ा गणेश मंदिर में गोष्ठी के रूप में किया गया। इस दौरान विहिप ने सोमनाथ की तर्ज पर मंदिर निर्माण कराने की मांग दोहरायी। संचालन बजरंग दल के विभाग संयोजक गौरव रघुवंशी ने किया। गोष्ठी के उपरांत कार्यकर्ताओं ने पुरानी कोतवाली तक जय श्रीराम के नारों के साथ पैदल जुलुस निकाला कर शहर में मिठाई वितरित की गयी। मुख्य वक्ता विहिप सहप्रांत संगठन मंत्री राजेश जी ने कहा कि 6 दिसंबर 1992 को हिंदू समाज ने देश में नया इतिहास रचते हुए इसी दिन 464 वर्ष पुराना कलंक का टीका भारत माता के माथे से सर्व सर्वदा के लिए मिटा दिया गया। जो हिन्दूओं के शौर्य का प्रतीक बना इसलिए प्रत्येक वर्ष हिंदू समाज उत्सव के रूप में देखता है। 1528 में बाबर के आदेश पर उसके सेनापति मीर बाकी ने अयोध्या में श्री राम जन्म भूमि पर बने विशाल मंदिर को तोप से उड़ा दिया था। हिंदू समाज और संतों ने उस समय खुलकर प्रतिकार किया परंतु हिंदूओं की ताकत कम पड़ी और लाखो हिंदुओं का कत्लेआम करते हुए उन्हीं के खून से गारा बनाकर एक ढांचा खड़ा कर दिया गया। जिसका नाम बाबरी मस्जिद रख दिया। हिंदू समाज 1528 से चुप नहीं बैठाए श्रीरामलला की जन्मभूमि को मुक्त कराने के लिए 76 बार संघर्ष हुआ लेकिन सफलता नहीं मिली। सहप्रांत संगठन मंत्री ने आगे बताया कि 1984 में विहिप ने आंदोलन शुरू किया। जिसकी परिणति 06 दिसंबर 1992 को राम जन्म भूमि पर बने जीर्णशीर्ण ढ़ांचे को हिंदू समाज ने हमेशा के लिए विदा कर इसे शौर्य का प्रतीक बनाते हुए छोटा सा मंदिर बना कर रामलला विराजमान कर दिया गया। जहां आज भी पूजा.अर्चना होती है। उन्होंने आगे कहा कि अभी तो हिंदू समाज ने अपने अपमान का बदला आधा ही लिया है। जब तक भव्य मंदिर का निर्माण नहीं हो जाता तब तक हिंदू समाज चुप नहीं बैठेगा। विहिप नगर अध्यक्ष राधा मोहन गोयल ने कहा कि रामभक्त 1950 से न्याय पालिका से राम जन्म भूमि को मुक्त कराने की गुहार लगा रहे है। 2010 से मामला उच्चतम न्यायालय में लंबित है लेकिन उच्चतम न्यायालय भी हिंदुओं की अनदेखी कर रहा है। हम सभी सरकार से मांग करते हैं कि संसद में कानून बनाकर सोमनाथ की तर्ज पर राम मंदिर का भव्य निर्माण कराया जाये। राधा मोहन गोयल ने आगे कहा कि संतो और हिंदू समाज का संकल्प है कि जहां पर रामलला विराजमान है वहीं मंदिर का भव्य निर्माण होगा। एक इंच भूमि किसी को नहीं देंगे। 67 एकड़ भूमि अधिग्रहित सर्म्पूण भूमि राममंदिर की है। अयोध्या की सांस्कृतिक सीमा में कोई मस्जिद नहीं बनने देंगे। इसके साथ ही पूरे देश में बाबर के नाम का कोई भी मस्जिद विहिप को कतई स्वीकार नहीं है। तीन लाख गांवों से आयी हुई पूजित और तथा तराशे हुए पत्थर क द्वारा द्वारा ही राम जन्मभूमि का भव्य मंदिर निर्माण किया जाएगा। इस अवसर पर आलोक राय पंकज शर्मा गौरव पांडेय अरविन्द शंशाक मिथुन राणा सिंह अवनीश प्रणय सूरज अंकित राजूए गौतमए विपिन भोला अंकुर सोनू अशोक अभि निषाद गोविंद सिंह अमित पंकज राज गौरव सहित भारी संख्या में विहिप सदस्य मौजूद रहे। कलेक्ट्रेट स्थित रिक्शा स्टैण्ड पर गुरूवार को हिंदू संगठनों ने विवादित ढांचे के विध्वंस दिवस को शौर्य दिवस के रूप में मनाया। साथ ही शहीद कारसेवकों को श्रद्धा सुमन भी अर्पित किया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए वक्ताओं ने कहाकि आज का दिन हिंदुओं के लिए सम्मान का दिन है क्योंकि आज के ही दिन 6 दिसंबर 1993 को राम जन्म भूमि पर स्थित विवादित ढांचे जो हिंदुओं के मान.सम्मान के लिए कलंक था को हिंदुओं ने ढहाकर राम मंदिर बनाये जाने का का मार्ग प्रशस्त किया था। आज हम हिन्दुओं को एकजूट होकर राम मंदिर निर्माण अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए।

रिपोर्ट-:राकेश वर्मा आजमगढ़

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