आजमगढ़- शहर के तीन स्थानों पर बने कांशीराम शहरी आवास कालोनियों में वर्षो से अवैध रूप रहे रहे लोगों पर प्रशासन का शिकंजा कसता जा रहा है। अभी एक कालोनी में अवैध कब्जा हटाने व आवासों को सील करने की कार्रवाई की गई, जबकि दो अन्य कालोनियों में जल्द ही प्रशासन व पुलिस विभाग की संयुक्त टीम द्वारा बेदखली की कार्रवाई शुरू की जाएगी। उधर, चकगोरया स्थित कालोनी में अवैध रूप से रह रहे 86 लोगों को नोटिस जारी किया गया है।
शहर के जाफरपुर, चकगोरया और डीएवी कालेज के समीप बसपा सरकार में गरीबों को आवास दिलाने के लिए कांशीराम शहरी आवास योजना के अंतर्गत कालोनी बनी थी। आवासों के आवंटन प्रक्रिया पर शुरुआत से सवालिया निशान उठते रहे। इस दौरान कई बार अवैध रूप से रह रहे लोगों को चिन्हित कर कब्जा मुक्त कराने की कार्रवाई की योजना बनी, लेकिन फिर मामला ठंडे बस्ते में चला गया। लगातार मिल रही शिकायतों को जिलाधिकारी नागेंद्र प्रसाद सिंह ने गंभीरता से लिया। उन्होंने अपर जिलाधिकारी प्रशासन के नेतृत्व में एसडीएम सदर, सीटी सिटी और पीओ डूडा को शामिल करते हुए टीम गठित की। तीन-चार दिन पहले चले अभियान के दौरान चकगोरया कालोनी में बने 204 आवासों की चेकिग की गई। इस दौरान किराए पर दिए गए या अवैध रूप से रह रहे 86 लोगों को बेदखल कर आवासों को सील कर दिया गया। उसके बाद 35 पात्रों को जिनका पहले से आवंटन था, उन्हें कब्जा दिलाया गया। पीओ डूडा अरविद कुमार पांडेय ने बताया कि एडीए प्रशासन के निर्देश पर 18 सितंबर को समय निर्धारित किया गया है। उप जिलाधिकारी सदर के कार्यालय में सुबह 11 बजे ताला बंद रहने, किराए पर मकान देने वालों को नोटिस जारी किया गया है। यदि उनके द्वारा पात्रता संबंधी वैधानिक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाते हैं तो उनका आवंटन निरस्त कर दिया जाएगा।

रिपोर्टर:-राकेश वर्मा आजमगढ़

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