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बाबासाहब सामाजिक समाजवाद के अग्रदूत थे

  • भारत के संविधान को क्षत-विक्षत कर रही है भाजपा-डॉ. आनन्द प्रकाश तिवारी

वाराणसी- समाजवादी पार्टी वाराणसी के जिला कार्यालय पर हुई विशेष बैठक में बुलन्दशहर की घटना पर विस्तार से चर्चा हुई । साथ ही डॉ भीमराव अम्बेडकर के परिनिर्वाण दिवस के अवसर पर ‘संविधान. लोकतंत्र एवं धर्मनिरपेक्षता के समक्ष चुनौतियां’ विषय पर विचार गोष्ठी भी हुई।
बैठक व विचार गोष्ठी की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष डॉ० पीयूष यादव ने व संचालन महानगर अध्यक्ष राजकुमार जायसवाल ने किया। धन्यवाद ज्ञापन जिला व महानगर सचिव डॉ० रमेश राजभर व जितेंद्र यादव ने किया।
विचारगोष्ठी में बोलते हुए मुख्य वक्ता प्रबुद्ध प्रकोष्ठ के अध्यक्ष डॉ.आनन्द प्रकाश तिवारी ने कहा कि अम्बेडकर साहब ने कहा था कि व्यक्ति का जाति के आधार पर नहीं कर्म के आधार पर मूल्यांकन किया जाना चाहिए ।बाबासाहब सामाजिक समाजवाद के अग्रदूत थे । संघ परिवार भारतीय संविधान को समाप्त करने की कोशिश कर रहा हैं, वहीं समाजवादी और धर्मनिरपेक्ष ताकतें संविधान को बचाए रखने की लड़ाई लड़ रहे हैं । भाजपा भारत के संविधान को क्षत-विक्षत कर रही है ।
अध्यक्षता कर रहे डॉ पीयूष यादव ने कहा कि डॉ अम्बेडकर ने संविधान में महिलाओं को बराबरी का अधिकार दिया था और संघ ने उसका भी विरोध किया था । मंडल कमीशन की रिपोर्ट को लागू करने का विरोध हिन्दुवत्व वादी शक्तियों ने किया था ।
महानगर अध्यक्ष राजकुमार जायसवाल ने कहा कि लोकतंत्र बचाए रखने के लिए संविधान और स्वतंत्र न्यायपालिका होने की आवश्यकता होती हैं । डां अम्बेडकर ने इस कार्य को किया था किन्तु सत्तारूढ़ दल द्वारा संविधान और उच्चतम न्यायालय को समाप्त कर देने प्रयास किया जा रहा है ।
संगोष्ठी में प्रमुख रूप से सर्वश्री जिला उपाध्यक्ष संजय मिश्रा, जिला व महानगर सचिव डॉ० रमेश राजभर व जितेंद्र यादव, प्रदेश सचिव प्रदीप जायसवाल, दीपक यादव लालन महानगर सचिव, जियालाल राजभर, इरशाद अहमद, विवेक यादव, दिलीप कश्यप, वली मोहम्मद, शाबानुल मोअज़्ज़म
मनोज यादव गोलू, विनोद कुमार शुक्ल आदि ने विचार रखे ।
बैठक में एक प्रस्ताव पारित कर राज्यपाल को प्रेषित किया गया ।
हम समाजवादी पार्टी के लोग जनपद बुलन्दशहर की स्याना कोतवाली के अंतर्गत हुयी उस घटना पर गहरा दुख और आक्रोश व्यक्त करते है जिसमें एक पुलिस इंस्पेक्टर और एक ग्रामीण की हत्या हो गयी।
इस समूची घटना के पीछे अराजक भाजपा, बजरंग दल और आरएसएस के समर्थकों की साजिश है जो 2019 के चुनावों से पहले दंगा भड़काने, समाज को बांटने और कानून व्यवस्था को भंग करने पर उतारू हैं।
पिछले दिनों बुलन्दशहर से ही सौहार्द और भाईचारे का अद्भुत समाचार आया । जब नमाजियों के लिये मन्दिर का बरामदा उदारता पूर्वक खोल दिया गया । यह घटना कुछ लोगो को हजम नही हुई और वे हिंसा का कुचक्र रच डाले । जनता के बीच पूरी तरह बेनकाब हो चुके संघ और भाजपा अब सांप्रदायिक उन्माद पैदा करने पर उतारू हैं। जगह जगह गोहत्या का नाटक खड़ा कर अल्पसंख्यकों,दलितों,गरीब मजदूरों को निशाना बनाया जा रहा है। धर्मसभा, कमल यात्रा और अन्य कई तरीकों से उन्माद और भय पैदा किया जा रहा है। 6 दिसंबर से पहले ऐसी तमाम वारदातों को अंजाम देने की साजिश है। कुत्सित राजनैतिक उद्देश्यों से पश्चिमी उत्तर प्रदेश को मुजफ्फरनगर की तरह फिर से दंगों की आग में झौंका जा सकता है।
अब तक उनकी गैर कानूनी सेनाएं अल्पसंख्यकों, दलितों और कमजोरों पर हमले बोल रही थीं, अब उनके निशाने पर पुलिस भी आ गयी है। योगीजी और भाजपा को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिये।
माननीय उच्च न्यायालय को स्वतः संग्यान लेकर जांच के लिये गठित एसआईटी की जांच पर निगरानी रखनी चाहिये क्योंकि सत्ता के दबाव में जांच को हत्याकांड से हठा कर कथित गोकशी की ओर मोड़ा जा सकता है।
हम इन लावारिश जानवरों,गायों और सांडों को बाड़ों में बंद करने की भी मांग करते है जो न केवल फसलें उजाड़ रहें अपितु लोगों की जानें भी ले रहे हैं।
हम प्रदेश की जनता से अपील करते है कि वह प्रदेश को दंगों और विभाजन की आग में झौंकने की भाजपा और संघ की साजिश से सावधान रहें और हर कीमत पर शान्ति बनाए रखें। हम शहीद इंस्पेक्टर ,घायल और मृतक ग्रामीण के परिवारों को न्याय दिये जाने की मांग करते है।

रिपोर्टर-: महेश पाण्डेय के साथ (राजकुमार गुप्ता) वाराणसी

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